छठवें दिन भक्तों ने मां कात्यायनी के स्वरूप में किया दर्शन
चौकियां धाम, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र में स्थित मां शीतला चौकियां धाम में बृहस्पतिवार को बासंतिक नवरात्रि के छठवें दिन भक्तों ने नवदुर्गा के कात्यायनी देवी के दिव्य और भव्य स्वरुप का अर्चन करते हुये पूजन किया। 9 दिन व्रत पूजन करने वाले भक्तों में नवरात्रि में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती पाठ उपासना करने के बाद छठें दिन साधक के मन आज्ञा चक्र में स्थित हो जाता है। उसमें अनन्त शक्तियों का संचार होता है। वह अब माता का दिव्य रूप देख सकता है। भक्त को सारे सुख प्राप्त होते हैं। दुख दरिद्र और पापों का नाश हो जाता है। छठवें दिन देवी का स्वरूप शुभ वर्ण है और स्वर्ण आभा से मण्डित है।
इनकी 4 भुजाओं में से दाहिने तरफ ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में स्थित है बाएं हाथ में ऊपर करके हाथ में तलवार और निचले हाथ में कमल है इनका वाहन सिंह है। देवी पुराण के अनुसार आज के दिन 6 कन्याओं का भोज करवाना चाहिए। इसी क्रम में छठवें दिन मां कात्यायनी के स्वरूप मे माता रानी का भक्तों ने दर्शन पूजन किया।शीतला चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य श्रृंगार कर मन्दिर पुजारी सुजीत पंडा पंडा ने आरती-पूजन किया ।
मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहूर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन पूजन माता रानी के जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते हुये नजर आये। वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये श्रद्धालु मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किये। धाम में दूर-दराज से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं दर्शन पूजन करने के पश्चान दर्शनार्थी पवित्र कुंड के बगल में स्थित कालभैरव नाथ एवं काली मंदिर में दर्शन किये। उधर सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में शीतला चौकिया चौकी प्रभारी ईश चन्द यादव अपने सहयोगी पुलिस पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।
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