गिरफ्तार अभियुक्त की पुलिस कस्टडी में मौत मचा हड़कंप,पुलिस आत्म हत्या तो ग्रामीण हत्या बता रहे है


जौनपुर। जनपद के थाना शाहगंज के शौचालय से थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बढ़ौना निवासी मटरू विन्द पुत्र सहदेव नामक 50 वर्षीय व्यक्ति की लाश आज 19 अक्तूबर 24 को मिलने पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। लगभग डेढ़ बजे दिन तक थाना शाहगंज परिसर पुलिस बल की छावनी में तब्दील रहा। लगभग सवा एक बजे पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा का इस घटना को लेकर बयान आया जिसमें पुलिस अधीक्षक ने शौचालय में आत्महत्या की कहांनी बताया है जबकि बढ़ौना गांव के ग्रामीण उपरोक्त मटरू विन्द की पुलिस पिटाई से मौत होना बता रहे है। मृतक की पत्नी पुलिस के कब्जे में है इसलिए असली सच सामने नहीं आया है।
इस घटना के बाबत पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा ने मीडिया सेल के जरिए एक वीडियो जारी करते हुए बताया है कि मटरू विन्द निवासी बढ़ौना को  थाना शाहगंज की पुलिस 18 अक्तूबर 24 को 35 हजार रुपए चोरी के एक मामले में पकड़कर थाने पर लायी थी। पूछ-ताछ करने के बाद थाने में बैठा रखा था रात में लगभग दो तीन बजे रात में मटरू विन्द थाने के शौचालय में जाकर फांसी लगाकर आत्म हत्या कर लिया।
19 अक्तूबर 24 की प्रातःकाल शौचालय में मटरू विन्द की लाश देखकर विभाग में हड़कंप मच गया। 
घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा सहित पुलिस विभाग में जिले के सभी आला अफसर एवं शाहगंज सर्किल के सभी थानो की पुलिस थाना शाहगंज पर पहुंच गये। आनन-फानन में पुलिस बढ़ौना पहुंच कर मृतक मटरू की पत्नी को थाने पर लाकर बैठा लिया और आम जनमानस से मिलने पर रोक भी लगा दिया। पुलिस अधीक्षक का पहला बयान इस घटना को लेकर लगभग सवा एक बजे दिन में आया जिसमें उनके द्वारा मटरू द्वारा थाने के अन्दर आत्म हत्या की कहांनी बतायी गई है और यह भी कहा कि मृतक मटरू के पत्नी की तहरीर लेकर अन्य विधिक कार्यवाई की जा रही है।
इस घटना के बाबत बढ़ौना गांव के निवासी गण सुरेश विन्द, कमला विन्द, राम धारी विन्द जो जिला अस्पताल में मटरू कि लाश आने के बाद आये थे ने बताया कि 18 अक्तूबर को एक चोरी के आरोप में थाना शाहगंज की पुलिस मटरू को पकड़कर थाने पर ले गई थी देर रात इतनी पिटाई कर दी कि उसकी मौत हो गई है अब पुलिस इसे आत्म हत्या बताने में जुट गई है। सच क्या है यह तो बाद में पता चलेगा।

लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि जब मटरू को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसे अकेले क्यों छोड़ा, दूसरा यह कि आत्म हत्या के लिए शौचालय में रसरी अथवा फंदा कहा से आया, तीसरा यह कि वह शौचालय में अकेले क्यों और कैसे गया। इन सभी विन्दुओ की उच्चस्तरीय जांच होने पर सच सामने आ सकेगा। जो भी हो इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग को सवालो के कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Comments

Popular posts from this blog

सरस्वती विद्या मंदिर में प्रतिभा अलंकरण एवं वार्षिक परीक्षाफल पर वितरण समारोह

राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव की पहल से जौनपुर को मिली सौगात, 1.61 अरब की लागत से सड़कों का होगा चौड़िकरण

जौनपुर: जिला अस्पताल में 56 सुरक्षा कर्मियों की सेवा समाप्त,