सरकारी तंत्र कागजी बाजीगरी के खेल से फर्जी आंकड़े शासन को भेज रहा पात्रो को लाभ से किए है वंचित - जगत नरायन दुबे


जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य जगत नरायन दूबे ने जौनपुर सरकारियां तंत्र के कार्य प्रणाली और कार्यो की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सरकारी विभागो के अधिकारी कागजी बाजीगरी का खेल करते हुए प्रदेश सरकार को फर्जी एवं गुमराह करने वाले आंकड़े भेज कर अपनी पीठ भले ही थपथपा रहे है लेकिन सच तो यह है कि सरकार की एक भी योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को नहीं मिल रहा है। किसान नौजवान  बहन बेटियां सभी सरकारी के फर्जीवाड़े से परेशान और पीड़ित है।
श्री दुबे ने गत दिवस जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में सिंचाई विभाग के एक्सईएन द्वारा दिये गये आंकड़े कि सभी नहरों के लिए पानी उपलब्ध है, जिसपर टेल तक पानी पहुंचाने के निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया, की आलोचना करते हुए कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरी तरह से झूठ  बोल रहे है फर्जी कागजी आंकड़ा डीएम को बता रहे है और डीएम भी उनके आंकड़े को सच मानकर शासन को रिपोर्ट कर रहे है।सच तो यह है कि किसी भी नहर में पानी नहीं आ रहा है किसान अपने धान की फसल की सिंचाई और रोपाई अपनी निजी नलकूप से करने को मजबूर है  उन्होंने उदाहरण दिया कि निजामुद्दीन पुर गांव से नहर निकली है यहां के किसान नहर के पानी पर आश्रित रहते है लेकिन आज तक पानी की एक बूंद भी नहर में नहीं आया टेल तक पहुंचना तो दूर की कौड़ी है।
इसी तरह किसान सम्मान निधि योजना की चर्चा करतै हुए श्री दुबे ने कहा कि सही मायने में पात्र किसान को इस योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हुई है। कृषि विभाग के अधिकारी इस योजना का लाभ देने के नाम पर अपनी जेब गरम करते हुए अपात्रो को योजना का लाभ पहुंचा रहे है। जिसके कारण जनपद जौनपुर में बड़ी संख्या में पात्र इधर उधर भटक रहे है और सेलटैक्स और इनकम टैक्स पेई योजना का लाभ उठा रहे है।
इसी तरह श्री दुबे ने खाद्यान विभाग के लूट और भ्रष्टाचार की चर्चा करते हुए खुला आरोप लगाया कि इस विभाग के आपूर्ति निरीक्षक (इन्सपेक्टर) और कोटेदारो की मिली भगत से पूरे जनपद में अपात्रो को अति गरीबी रेखा के नीचे का अन्त्योदय (लाल) कार्ड बनवा दिया है और सही में जो निर्धन और अति गरीब पात्र व्यक्ति है ऐसे लोग बड़ी तादाद में इस योजना का लाभ पाने से वंचित है।श्री दुबे ने स्पष्ट रूप से बताया कि अपात्र सरकार के फ्री खाद्यान्न योजना का लाभ उठाकर खाद्यान्न को बनिया के दुकान पर बेच कर अपने ऐसो आराम की व्यवस्था करता है और वास्तविक रूप से गरीब आज भी कठिन श्रम करके परिवार का पेट पालने को मजबूर है। उन्होंने लाल कार्ड ऐसे लोगे के नाम से बने है जिनके पास ट्रैक्टर जमीन पक्का मकान यहां तक कि छोटी सरकारी नौकरी वाला भी फ्री खाद्यान्न योजना का लाभ लाल कार्ड के जरिए उठा रहा है। विभाग में शिकायत करने पर आपूर्ति निरीक्षक कोटेदार से धनोपार्जन करके आल इज ओके कर दे रहे है और कागज में इस योजना का लाभ अति गरीब को देने की सूचना उच्चाधिकारियों और शासन को फर्जी कागजी आंकड़ा देकर गुमराह कर रहे है।
श्री दुबे ने एक बात और भी कहा कि सरकारी विभागो से आने वाले आंकड़ो के सत्यता की जांच खुद अपनी एजेन्सी के जरिए जिला प्रशासन के शीर्ष पर बैठे अधिकारी को कराना चाहिए लेकिन वह भी कागजी बाजीगरी के आंकड़ो को सही मान लेता है जो पूरी तरह से गलत है। प्रदेश और केन्द्र की सरकारे गरीबो के लिए तमाम योजनायें चला रही है जिला प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि योजनाओ का सही लाभ पात्र जनो को मिल सके। श्री दुबे ने यह कहा कि अब ऐसे सभी मामलो और योजनाओ में हो रहे फर्जीवाड़े की शिकायत प्रदेश में शासन स्तर पर भी किया जाएगा।

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