परिवार से लेकर गांव तक लोग है परेशान सीधा साधा विजय यादव कोर्ट रूम में जीवा की हत्या कर दिया,असली खेल क्या है


विजय यादव और माता पिता
जौनपुर। प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित दीवानी न्यायालय की अदालत में जज के सामने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को गोलीयों से भूनकर मौत की नींद सुला देने वाले जनपद जौनपुर के थाना केराकत क्षेत्र स्थित ग्राम सुल्तानपुर निवासी नये शूटर विजय कुमार यादव को लेकर उसके परिवार से लेकर गांव सहित पुलिस भी स्तब्ध है कि आखिर उसने कोर्ट रूम में माफिया की हत्या जैसी घटना को कैसे अंजाम दिया है। इस संदर्भ में विजय के माता पिता और स्थानीय थाने पुलिस से बात करने के बाद जो तथ्य सामने आये है वह खासे चौंकाने वाले है।
इस हत्याकांड में जिस असलहे का प्रयोग हुआ है वह दुर्लभ असलहा विजय के पास किसने दिया यह गम्भीर मामला है क्योंकि परिवार की स्थित से साफ संकेत है कि विजय की वह हैसियत नहीं है कि वह इतना मंहगा असलहा रख सके। एक पोलम्बर ऐसे असलहे का शौक भी रखने सोचे आखिर घटना के लिए असलहा उसके पास आया कैसे? 
विजय के पिता श्याम यादव और माता निर्मला यादव इस बात से परेशान है कि उनका पुत्र जो अब तक अपने जीवन काल में किसी भी व्यक्ति से कोई विवाद नहीं किया। कभी किसी से मारपीट की बात नहीं किया।वह अचानक इतना बड़ा काण्ड कैसे कर दिया है। माता निर्मला का बयान है कि विजय अपने चार भाईयों में दूसरे नंबर पर है।वह इतना सीधा है कि उसे अगर कोई कुछ कहता था तो चुपचाप सर झुका के चला जाता था और आज इतने बड़े बदमाश को अदालत के अन्दर मारने की घटना में कैसे शामिल हो गया हम लोग हैरान व परेशान है।
मां निर्मला ने बताया कि 15 मई को फोन से उससे बात हुई थी यह बताया कि एक दिन उसने अपने भाई से किसी तरह बात किया और बताया कि उसका मोबाइल खो गया है। जबकि पिता 04 जून को बात करने की पुष्टि की और कहा कि लखनऊ जाने के लिए उसे केराकत ले जाकर छोड़ा इसके बाद कोई बात नहीं हुई जब खबर आई कि विजय बड़े बदमाश की हत्या कर दिया तब हम सब पूरे परिवार के लोग सन्न रह गये अब क्या बताये इस पूरी कहानी के पीछे का खेल क्या है।
इस संदर्भ में इन्पेक्टर कोतवाली केराकत से बात किया तो वह भी कुछ खास नहीं बता सके बस इतना जरूर कहा कि पैसा कमाने की लालच में कभी कभी आदमी गलत कदम उठा लेता है। हलांकि अब इस बड़ी घटना में शामिल होने की बात सामने आने पर पुलिस हर एक पहलू पर गम्भीरता पूर्वक छानबीन की जा रही है। यह भी तलाशा जा रहा है सीधा साधा विजय किसी बड़े अपराधी के सम्पर्क में कब और कैसे आया है।
गांव के लोग भी इस बात की पुष्टि करते है कि विजय खासा मिलनसार युवक था कब जरायम की दुनियां से जुड़ गया यह तो जांच का बिषय है। जो भी हो पुलिस की जांच तो चल रही है। इस बात से हर कोई हैरान है कि जिस असलहे से जीवा मारा गया वह कीमती असलहा और यूपी में न मिलने वाला असलहा विजय के हाथ देने वाला कौन है इसका खुलासा सही जब तक नहीं होगा घटना की सच्चाई से पर्दा हटना कठिन ही नहीं नामुमकिन भी है।

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