पतंजलि योग समिति ने हवन यज्ञ को करके मनाया गया गुरु पूर्णिमा

जौनपुर। योग गुरु बाबा रामदेव के योग प्रशिक्षकों नें गुरु पूर्णिमा का पर्व हवन यज्ञ के साथ योगाभ्यास करके मनाया। योग गुरु बाबा रामदेव को याद करते हुए योग के विस्तार का संकल्प लिया गया। पतंजलि योग समिति के सह राज्य प्रभारी अचल हरीमूर्ति ने बताया कि यज्ञ स्वयं में उच्चतम कोटि की चिकित्सा पद्धति है जब इसके साथ नियमित रूप से योगाभ्यास किया जाता है तो बिमारियों के समाधान में बेहतर लाभ होता है। मियांपुर स्थित योगस्थली में हवन और यज्ञ को करते हुए पतंजलि योग परिवार के पदाधिकारियों नें हर घर तक योग और यज्ञ को पहुंचानें के लिए संकल्पित हुए। श्री हरीमूर्ति के द्वारा बताया गया की अलग अलग समस्याओं में अलग अलग औषधीय गुणों से युक्त सामाग्रियों का प्रयोग करके यज्ञ को किया जाता है। और इसी औषधीय वातावरण से युक्त परिवेश में जब नियमित प्राणायामों का अभ्यास किया जाता है तो असाध्य बिमारियों से भी निजात मिल जाता है। इस तरह की पद्धति इन्टिग्रेटेड चिकित्सा पद्वति कहलाती है। श्वसन तंत्र और नर्वस सिस्टम से संबंधित समस्याओं के समाधान में यज्ञ के साथ लम्बे समय तक भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम प...