अब हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओ का प्रवेश क्यों हुआ वर्जित जानें कारण


उत्‍तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में मुकदमों की वर्चुअल सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में जजों के साथ लिए गए फैसले में कहा गया है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट व लखनऊ खंडपीठ में केवल फ्रेश केसों की वर्चुअल सुनवाई होगी। रजिस्ट्रार जनरल आशीष गर्ग की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि वकीलों का हाई कोर्ट परिसर में प्रवेश वर्जित रहेगा। लखनऊ खंडपीठ के वकीलों के कोर्ट परिसर में प्रवेश पर वहां के वरिष्ठ न्यायमूर्ति के निर्देश पर वरिष्ठ रजिस्ट्रार इसे नियंत्रित करेंगे।

हाई कोर्ट में जजों के स्‍टाफ व कर्मचारियों के प्रवेश पर नियंत्रण का निर्णय

इलाहाबाद हाई कोर्ट में जजों के स्टाफ व अन्य कर्मचारियों के परिसर में प्रवेश को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। कहा गया है कि संबंधित जज के निर्देश पर ही सीमित संख्या में उनके व्यक्तिगत स्टाफ, बेंच सेक्रेटरी, चपरासी आदि कोर्ट में आएंगे। रजिस्ट्रार जनरल को कहा गया है कि वह तय करेंगे कि कितने अधिकारी या कर्मचारियों को कोर्ट आना है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की कैंटीन बंद रहेगी।


जिन मुकदमों में सुनवाई की तय थी तारीख, अब नई तारीख दी जाएगी

इलाहाबाद हाई कोर्ट में केवल फ्रेश केसों की सुनवाई वर्चुअल मोड में की जाएगी। इसमें दोषसिद्ध बंदियों के केस शामिल नहीं होंगे। जिन पुराने मुकदमों में सुनवाई की तारीख तय थी, उसमें नई तारीख दी जाएगी। गाइडलाइन में कहा गया है कि सजा को स्थगित रखने तथा जमानत अर्जी पर सुनवाई नियमित जारी रहेगी।

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