मां के साथ सो रही मासूम बच्ची से दरिंदगी फिर की हत्या, अदालत ने सुनाई फांसी की सजा


डेढ़ माह पूर्व एक दरिंदे ने मां के साथ सो रही डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुराचार का घटना को छुपाने के लिए उसका गला दबा दिया था । लोगों ने आरोपी ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। इस मामले में रेप व पाक्सो एक्ट प्रथम जज नितिन कुमार पांडेय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाए जाने पर उसे मृत्यु दंड की सजा सुनाने के साथ ही डेढ़ लाख का अर्थ दंड लगाया है। नानपारा कोतवाली के एक गांव में एक महिला अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ 21 जून की रात में सो रही थी। मां की रात में 1:30 बजे आंख खुली तो बेटी को बिस्तर पर न पाकर उसके होश उड़ गये। जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। बच्ची की तलाश शुरू हुई। 
इलाज के दौरान ही बच्ची की मौत ग्रामीणों ने गांव के ही विद्यालय में नानपारा कोतवाली के पतरहिया गांव निवासी परशुराम पुत्र मंगरे को पकड़ा। बच्ची के साथ रेप किए जाने के चलते उसकी हालत दयनीय थी। तलाश में भोर हो चुका था। तत्काल पुलिस को सूचना दिए जाने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन फानन में बच्ची को महिला सिपाही की अभिरक्षा में जिला महिला चिकित्सालय भेजा। इस मामले में पीड़ित पिता की तहरीर पर कोतवाली में घर में घुसकर बालिका को उठाने, रेप, पाक्सो में केस दर्ज किया। इलाज के दौरान ही बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने महज 35 दिन में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी इसके बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हो गयी कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराए गए सोमवार को जज ने बचाव पक्ष व अभियोजन से संत प्रताप सिंह की बहस को सुना। जज ने आरोपी परशुराम पर दोष सिद्ध होने पर मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध अपराधी पर डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की सम्पूर्ण धनराशि पीड़ित मां व पिता को दिए जाने के आदेश दिए है।

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