कोरोना के चलते पिता की मौत के बाद परिवार का पेट पालने की जिम्मेदारी10 की बेटी पर,शुरू किया यह कारोबार


कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने तमाम परिवारों को ऐसे दुख दिए हैं, जिन्हें वो जिंदगी भर भुला नहीं पाएंगे। कुछ ऐसी ही कहानी है शाहजहांपुर की 10 साल की बच्ची की है, कोरोना ने सिर से पिता का साया छीन लिया। पिता की मौत के बाद अब वह बच्ची परिवार का पेट पालने के लिए सड़क किनारे पिता की बनाई हुईं कमीजें बेच रही है। कोरोना संक्रमण ने ली पिता की जान देश में जब कोरोना की दूसरी लहर चरम पर थी तभी यूपी के शाहजहांपुर के खिरनी बाग मोहल्ले में रहने वाले प्रदीप कुमार (45) अप्रैल में कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्हें तीन दिन तक तेज बुखार आया, फिर उन्होंने कोरोना परीक्षण कराया, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। तब उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया, जहां इलाज के दौरान 30 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। 
पिता कोरोना की वजह से पिता को खोने वाली मासूम बच्ची माही (Mahi) ने बताया कि उसके पापा रेडीमेड शर्ट बनाकर दुकानदारों को बेचने का कारोबार करते थे। घर पर चार सिलाई मशीनें लगी हैं। उन पर कारीगर काम करते थे। पापा की मौत के बाद अब कारीगर भी नहीं आते हैं। माही ने बताया, 'पिता की मौत के बाद घर पर खाने पीने की भी दिक्कत हो रही है। दादा राजकुमार 70 वर्ष के है, उन्हें बीमारियों ने जकड़ रखा है। वह हमेशा बीमार रहते हैं। दादा के अलावा घर में बूढ़ी दादी और मां हैं।' माही फुटपाथ पर रेडीमेड शर्ट बेच रही है।
पिता की मौत के बाद माही ने पापा का कारोबार संभाल लिया और घर में बनी रखी कुछ रेडीमेड शर्ट को फुटपाथ पर ले जा कर बेचने लगी। 
खबर वायरल होने पर जिलाधिकारी का कहना है कि पूरी रिपोर्ट मंगायी जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप ऐसे बच्चो की मदत करायी जायेगी ।इस महीने 25 जून तक ऐसे जो भी प्रकरण आ जाएंगे, उनका निस्तारण कर दिया जाएगा। साथ ही अधिकारी ने बताया कि जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उन्हें सरकारी स्कूल, कस्तूरबा स्कूल आदि में दाखिले की भी व्यवस्था की जाएगी।

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