अजीत हत्या कान्ड में धनन्जय सिंह सहित पांच आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की तैयारी



मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व उप ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने वाले जौनपुर के पूर्व सांसद व बाहुबली नेता धनंजय सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में वह फरार चल रहे हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है। वहीं उसे अब पुलिस भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी कर चुकी है। इसके लिए आज कोर्ट में अर्जी डाली जाएगी। उनके अलावा करीबी विपुल सिंह सहित फरार चल रहे चार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं बागपत जेल में बंद माफिया सुनील राठी को वारंट बी पर लखनऊ लाने की तैयारी शुरू कर दी गई। 
विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर 6 जनवरी की रात 8.30 बजे ताबड़तोड़ फायरिंग कर मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या कर दी गई। इस दौरान उसके करीबी मोहर सिंह व राहगीर आकाश यादव भी घायल हुए। इस वारदात में एक हमलावर राजेश तोमर भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। पुलिस ने इस मामले मेें गिरफ्त में आये शूटरों व अन्य आरोपियों के बयान के आधार पर जौनपुर के पूर्व सांसद व बाहुबली नेता धनंजय सिंह को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया। धनंजय सिंह ने ही शूटरों के रहने का ठिकाना दिलाया था।
वहीं गैंगवार में घायल शूटर राजेश तोमर के इलाज का पूरा इंतजाम कराया था। चाहे लखनऊ में अपने फ्लैट में चिकित्सक बुलाने का मामला  हो या सुल्तानपुर में निजी अस्पताल में इलाज का। पुलिस ने सांसद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया। इसके बाद उन्होंने 5 मार्च को प्रयागराज की कोर्ट में पुराने मामले की जमानत तुड़वाकर आत्मसमर्पण कर दिया। करीब 25 दिन बाद ही उनको इसी मामले में कोर्ट ने जमानत दे दी। इसके बाद से वह अंडरग्राउंड हो गये।

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