मदरसा में पढ़ने गयी दो मासूम बच्चियों का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद एक की हत्या, दूसरी जीवन मौत से जूझ रही



केन्द्र और प्रदेश की सरकारें बेटी पढ़ाओ, बेटी  बचाओ का नारा तो दे रहीं हैं लेकिन सही मायनों में बेटियों की सुरक्षा के लिए कानून का कड़ाई से पालन नहीं कराया जा रहा है। जिसका परिणाम है कि आये दिन कहीं न कहीं बेटियों की आबरू लूटी जा रही है तो मासूम बेटियां दरिन्दों के हबस की शिकार होने के साथ काल के गाल में पहुंचा दी जा रही है। घटना के बाद पुलिस विधिक कार्यवाही करके मुक्त हो जाती है। आखिर बेटियां कब तक इन हैवानों का शिकार बनती रहेगी क्या जिम्मेदार इस पर भी विचार करते हैं। 
ताजा मामला जनपद शाहजहाँपुर के थाना कांट क्षेत्र स्थित ग्राम भानपुर का है। जहां पर उन्नाव की घटना की तर्ज पर दो मासूम चचेरी बहने मदरसा पढ़ने गयी थी दरिन्दों ने दोनों का अपहरण कर उनके साथ मुंह काला करने के बाद एक का सर कूच कर हत्या कर दिया तथा दूसरी को मरणासन्न स्थिति में पहुंचाने के पश्चात मरा जान कर छोड़ कर भाग गये थे। सायं 6 बजे तक बच्चियों को घर वापस न लौटने पर परिजन सहित ग्रामीण जन बच्चियों की तलाश शुरू किये तो दोनों बच्चियाँ अपने गांव से एक किमी दूर खिजिर पुर गांव में एक सरसों के खेत में एक मृत हालत में मिली तो दूसरी मरणासन्न अवस्था में मिली। 
घटना की सूचना पर कांट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर मृतक बच्ची का शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा तो मरणासन्न स्थिति में मिली बड़ी बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बरेली अस्पताल पहुंचाया है। पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर का कथन है कि जीवन् मौत से जूझ रही बच्ची को ठीक होने के बाद अपराधियों का खुलासा हो जायेगा। और अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। हलांकि पुलिस घटना का मुकदमा दर्ज कर छान बीन शुरू कर दिया है। 
इस घटना ने एक बार फिर से प्रदेश की कानून व्यवस्था को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक बार फिर से सवाल खड़ा हुआ कि आखिर बेटियां सुरक्षित कब हो सकेंगी ? बेटियों का गुनहगार कौन है ?

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