दिल्ली से किसान आन्दोलन की चिन्गारी अब पूर्वांचल के जिलो तक पहुँची

नए कृषि कानून को लेकर देश में कोहराम मचा है। किसान दिल्ली की सीमा पर अड़े हैं। किसान पिछले 11 दिनों से दिल्ली सीमा पर आंदोलन कर रहे है। किसान केंद्र सरकार से नए कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस बीच किसान आंदोलन की चिंगारी अब देश के दूसरे हिस्सों में शोला बनकर फूटने लगी है। जौनपुर में अब किसान आंदोलन के समर्थन में अब सपा एवं कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मैदान में उतर आए है। उधर जनपद वाराणसी में कांग्रेसी कर्यकर्ताओं ने मलदहिया चौराहे पर अनोखे ढंग से प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की.मलदहिया चौराहे पर स्थित सरदार पटेल के प्रतिमा के नीचे कांग्रेस के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और अपने गले में फांसी का फन्दा लगा कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओ के हाथों में नए कृषि कानून के खिलाफ स्लोगन लिखी तख्तीया थी। कार्यकर्ताओ ने नए कृषि कानून को काला कानून बताया। कांग्रेसी कार्यकर्ता हरीश मिश्रा के अनुसार कड़कड़ती ठण्ड के इस मौसम में देश का किसान आंदोलन कर रहे हैं। सरकार क़ृषि बिल के जरिए पूँजीपतियों की मदद कर रही है। कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी. आने वाले दिनों आंदोलन औ...