भविष्य की जरूरत केवल डिग्री नहीं, विजन और कौशल से मिलेगी सफलता- प्रो. रुम्की बनर्जी
दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न, विशेषज्ञों ने रखे विचार जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली में उभरते मुद्दे एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को आर्यभट्ट सभागार में हुआ। इस दौरान प्रबंधन, नेतृत्व, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कौशल विकास जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर अकादमिक विमर्श को समृद्ध किया। समापन सत्र में केके विश्वविद्यालय, नालंदा की प्रति कुलपति प्रो. रुम्की बनर्जी ने कहा कि आज का वैश्विक कॉर्पोरेट जगत ‘डिग्री-फर्स्ट’ से आगे बढ़कर ‘स्किल-फर्स्ट इकोनॉमी’ की ओर अग्रसर है, जहाँ व्यावहारिक कौशल और विजन को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बावजूद जटिल समस्याओं के समाधान के लिए मानवीय संवेदना और रचनात्मक सोच अनिवार्य है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रो. कुशेन्द्र मिश्रा ने कहा कि केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्यो...