ग्राम रोजगार सेवकों ने नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
जौनपुर। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौरसिया के नेतृत्व में जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में प्रदेश के लगभग 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम रोजगार सेवक वर्ष 2006 से मनरेगा एवं अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन आज भी संविदा व्यवस्था में कार्य करने को मजबूर हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अनेक ग्राम रोजगार सेवकों का 12 से 14 माह तक का मानदेय बकाया है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। संघ ने मांग की कि ग्राम रोजगार सेवकों को सहायक सचिव/ग्राम विकास सहायक के पद पर समायोजित करते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही न्यूनतम 24 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने, बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करने, मानव संसाधन नीति लागू करने तथा...